how to control low bp at home

quotes of life
0

 

How to control low blood pressure

how to control low bp at home
how to control low bp at home


 ब्लड प्रेशर  का बढ़ना और कम होना, दोनों ही स्थितियां सेहित के लिए नुकसानदायक हो सकती है। आमतौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ने जिसे हाइपरटेशन के रूप में जाना जाता है। इस बारे में चर्चा अधिक होती है। पर क्या आप जानते है। कि इसका कम होना भी उसी तरह से गंभीर स्वास्थय समस्याओं का कारण बन सकता है। डाॅक्टर्स कहते है। लो ब्लड प्रेशर की समस्या कुछ स्थितियों में जानलेवा तक भी हो सकती है। इसे शरीर में बढ़ रही किसी गंभीर स्थिति के सकेंत के तौर पर भी देखा जा सकता है। इसको लेकर भी सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहना आवशक होता है। लो ब्लड प्रेषर की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

ब्लड प्रेषर की रीडिंग 90 या 60 इससे कम बने रहने को लो ब्लड प्रेशरया हाइपरटेशन  के रूप में जाना जाता है। जिन लोगों को यह समस्या होती है। उन्हें गंभीर थकावट और चक्कर आने की दिक्कत महसूस होती रह सकती है। यह समस्या डिहाइडरेशन से लेकर गंभीर चिकित्सा स्थितियों तक का कारण हो सकती है। जिसपर ध्यान देना आवशक हो जाता है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने के प्रयास बहूत आवशक है। आइए जानते है। कि लो ब्लड प्रेशर  की समस्या क्यों होती है। और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।


डिहाइड्रेषन के कारण लो ब्लड प्रेषर

शरीर में पानी की मात्रा कम होना जिसे डिहाइड्रेषन के रूप में जाना जाता है। इसके कारण लो ब्लड प्रेषर की समस्या होना सबसे सामान्य है। शरीर में पानी की कमी होने के कारण रक्त की मात्रा भी कम हो जाती है। इससे ब्लड प्रेषर लो हो सकता है। बुखार, उल्टी, दस्त, मूत्रवर्धक दवाओं के अधिक सेवन और जोरदार व्यायामक  के कारण डिहाइड्रेषन की समस्या हो सकती हैं इसी वजह से सभी को रोजाना 3-4 लीटर पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है। पानी की कमी और भी कई समस्याओं को ट्रिगर कर सकती है।

गंभीर संक्रमण या एलर्जी

यदि आपमें किसी प्रकार के गंभीर संक्रमण या एलर्जी की समस्या हैं तो इसके कारण सेप्टिक शाॅक का भी खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विषेषज्ञ गिरते रक्तचाप के आधार पर शरीर में संक्रमण की स्थिति का निदान करते है। इस तरह कि स्थितियों में तुरंत इलाज की आवष्यकता होती है।

हृदय से संबंधित दिक्कत


how to control low bp at home
how to control low bp at home

ब्लड प्रेषर बढ़ना या कम होना दोनों ही आपके हृदय की समस्याओं से संबंधित होता है। दिल का दौरा , हारट फेलियर , हृदय वाल्व की बीमारी और हृदय गति में कमी भी म्नि रक्तचाप का कारण बन सकती है। यह सभी स्थितियों बहूत गंभीर होती है। जिनमें तुरंत डाक्टरी सलाह की आवष्यकता होती है। यदि आपको भी लगातार लो ब्लड प्रेषर की समस्या हो रही है। तो इस बारे में तुरंत किसी स्वास्थ्य विषेषज्ञ से संपर्क करें।

अन्य कारण निम्न रक्तचाप के।

1  तनाव, भय , असुरक्षा या दर्द

2  निर्जलीकरण जो रक्त की मात्रा को कम करता है।

3  जरूरत से ज्यादा रक्तदान

4 आंतरकि रक्तस्त्राव

5 गहरी चोट जिससे रक्त का बहाव ज्यादा हो गया हो।

6 गर्भावस्था

7 उच्च रक्तचाप के लिए दवाएं

8 अवसाद के लिए दवांए

9 हृदय रोग

10 एलर्जी

11  सक्रंमण

Low blood pressure  के लक्षण।

घबराहट होना

लो ब्लड प्रेशर का सबसे पहला लक्षण घबराहट होना हो सकता है। अगर आपको बैचेनी या घबराहट हो रही है। तो यह लो ब्लड प्रेषर का संकेत है।

चक्कर आना।

अगर आपको अचानक चक्कर आने लगे है। तो यह भी ब्लड प्रेशर लो होने का संकेत हो सकता है।

बेहोषी

अगर धीरे-धीरे बेहोषी सी छा रही है। उठा नहीं जा रहा तो हो सकता है। कि आपका ब्लड प्रेशर कम हो रहा है। क्योंकि अक्सर ब्लड प्रेशर लो में बेहोषी की समस्या देखी जाती है।

साफ न दिखाई देना।

अगर आपको चक्कर आने के साथ साथ धुंधला दिखाई दे रहा है। तो ये भी लो ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है। बीपी लो हाने पर आंखों पर असर पड़ता है। हालाकिं ब्लड प्रेशर सामान्य होने पर ये समस्या ठीक हो जाता है।

बिना वजह थकावट महसूस होना।

यदि आपको बिना कोई काम किए ही थकान महसूस हो रही है। तो इसका संकेत होता है। कि आपका बीपी लो हो रहा है।

सांस लेने में तकलीफ

जब ब्लड प्रेषर लो होता है। तो सांस लेने में तकलीफ होती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है। तो ये लो ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है।

निम्न रक्तचाप से बचने के उपाय।

1. सेहतमंद रहने के लिए जितना हेल्दी खाना जरूरी है। उतना ही जरूरी है। कि आपका ब्लड प्रेशर का सही रहना है। 

2. वैसे लोग लो या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझते है। वो अक्सर कई बीमारियों के षिकार होते रहते है। यानी हाइपेरटशन,यह एक ऐसी परेशानी है।

 3. जो किसी को भी हो सकती है। और अगर समय रहते इस समस्या को कंट्रोल न किया जाए तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है।

 4. ऐसे मे आज हम आपको बताएंगे लो ब्लड प्रेशर के लक्षण और इससे निजात पाने के कुछ तरीके जिनकी मदद से आप लो ब्लड प्रेषर की समस्या से छुटकारा पा सकते है।

5. अगर आपको लो बीपी की समस्या हो तो कभी भी झटके के साथ न उठें। इससे साथ चक्कर आने और गिरने का खतरा रहता है। 

6. हमेषा धीरे-धीरे अपने पोस्चर में बदलाव लांए। असमय और हेवी डाइट लेने से बचें इससे बीपी लो हो सकता है। 

7. क्योंकि ऐसी स्थिती में पाचन तंत्र की ओर रक्त का प्रवाह तेजी से होता है। पर शरीर के अन्य हिस्सों में इसकी गति धीमी हो जाती है।

 8. इससे व्यक्ति को सुस्ती महसूस होती है। लो बीपी की समस्या होने पर आप अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट युक्त खादय पदार्थों जैसे आलू, चावल, पास्ता और ब्रेड आदि की मात्रा कम कर दें।

9. तनाव से ब्लड प्रेषर बढ़ भी सकता है। और घट भी सकता है। इसलिए तनाव भी लो ब्लड प्रेशर का कारण हो सकता है। 

10. अपनी डाइट में नियमित रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा केला , तरबूज , अनार और अंगूर जैसे फलों को प्रमुखता से शामिल करें।

 11. चुकंदर के जूस का नियमित सेवन भी ब्लड प्रेषर को संतुलित रखता है। अपनी डाइट में जूस , छाछ षिकंजी और लस्सी जैसे तरल पदार्थो की मात्रा बढ़ाएं और खूब पानी पियें।

12. निम्न रक्तचाप होने पर व्रत उपवास से बचें और ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें। हर घंटे थोड़ा खाते रहें तीन घंटे के अंतराल पर थोड़ा खाते रहें।

 13. तीन घंटे के अंतराल पर थोड़ा थोड़ा करके खाना अच्छा होता है। बहूत ज्यादा गर्म पानी से नहाने से बचें इसके कारण शरीर का तापमान बढ़ सकता है।

14. 6-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें क्योंकि थकान भी लो बीपी का कारण बनता है।

आहार

जो लोग पहले से हाई बीपी की दवा ले रहें है। वे दवा खाना बंद कर दें।

कम से कम आठ गिलास पानी और अन्य पेय रोज पीए।

भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम कर दें।

खाने में नमक की मात्रा बढ़ा ले।

how to control low bp at home
how to control low bp at home 

अगर खाने के बाद ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। तो थोड़ी मात्रा में खाए।

दिन में तीन बार अधिक मात्रा में खाने की बजाए छह बार थोड़ी मात्रा में खाएं। खाने के बाद थोड़ा आराम करें।

भोजन में कार्बाेहाइड्रेट की मात्रा कम कर दें।

कैफीन का सेवन निम्न रकतचाप में फायदेमंद।

कैफीन जैसे चाय या काॅफी रक्तचाप को बढ़ाने में सहायता करते है। जब आपका ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है। तो एक कप काॅफी या चाय ब्लड प्रेशर  को नार्मल करने में मदद करती है।

तुलसी के द्वारा निम्न रक्तचाप का उपाय।


तुलसी के पत्ते निम्न रक्तचाप को सही करने में मदद करते है। हर दिन सुबह पांच से छह तुलसी के पत्तों को चुसने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है। तुलसी के पत्ते में पोटेषियम, मैग्नीषियम और विटामिन सी उच्चा स्तर में होता है। जो आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। तुलसी में यूजीनोल नामक एक एंटीआक्सिडेंट होता है। जो रक्तचाप को नियंत्रण में रखता है। और कोलेस्ट्राॅल के स्तर को कम करता है।

गाजर निम्न रक्तचाप में फायदेमंद।


how to control low bp at home
how to control low bp at home 

गाजर और पालक का रस लो ब्लड प्रेशर   फायदेमंद हो सकती है। इसके लिए लगभग 200 ग्राम गाजर के रस में एक चैथाई पालक का रस मिलाकर पिंए।

दालचीनी निम्न रक्तचाप में फायदेमंद।


दालचीनी के पाउडर को प्रतिदिन गर्म पानी के साथ लेने से भी आपको इस समस्या में लाभ मिल सकता है। इसके लिए सुबह-शाम  यह प्रयोग करें।

 

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)